“खुशियों की चाबी किसके हाथ में है?” 🔐 रिमी: अर्जुन… सुनो ना… ❤️मुझे लगता था लोग मुझे दुख देते हैं। मैं हर बार यही सोचती रही…गलती शायद उन्हीं की है…फिर एक दिन समझ आया…मेरी खुशियों की चाबी तो मेरे ही हाथ में थी।मैं ही बार-बार उसे दूसरों को पकड़ाती...