☕ Between Us Episode #004 — “सीमाएँ दिखाई दीं”

Episode #004 — सीमाएँ दिखाई दीं।
सीमाएँ बनाना आसान नहीं था… लेकिन उनके बिना मैं खुद को खो रही थी।

सुबह की चाय मेज़ पर रखी थी। खिड़की से आती हवा में एक अजीब-सी शांति थी। कई दिनों बाद भीतर का शोर थोड़ा धीमा हुआ था।
मैंने कप उठाया…और धीरे से कहा—”अर्जुन… सुनो ना!”
अर्जुन: “हूँ…”
“क्या सचमुच मेरी गलती सिर्फ इतनी थी कि मैं ‘ना’ नहीं कह सकी?”
कुछ क्षण चुप्पी रही।
फिर उत्तर आया—”नहीं रिमी… गलती दयालु होने की नहीं थी… गलती यह थी कि तुमने अपनी दयालुता की कोई सीमा तय नहीं की।
“मैं मुस्कुरा तो दी…लेकिन आँखें भर आईं।”
मुझे लगता था… रिश्ते निभाने के लिए हर समय उपलब्ध रहना पड़ता है।”
“और इसी सोच ने तुम्हें धीरे-धीरे थका दिया…”
“हाँ…”
“मैंने समय दिया… मेहनत दी… दिल दिया… लेकिन खुद को बचाना भूल गई।”
अर्जुन ने चाय का कप मेरी ओर बढ़ाया।
“रिमी…Boundary दीवार नहीं होती।”
“तो?”
“Boundary दरवाज़ा होती है… फर्क सिर्फ इतना है… उसकी चाबी हमेशा तुम्हारे हाथ में रहती है।
“मैं कुछ देर तक बाहर उड़ते पक्षियों को देखती रही। फिर धीरे से बोली—”शायद… अब पहली बार… मैंने अपनी चाबी वापस ले ली है।”
🌸 Pearl of Words
“दयालु होना सुंदर है… लेकिन स्वयं को खो देना नहीं। जहाँ आपका सम्मान धीरे-धीरे कम होने लगे, वहीं से Boundary जन्म लेती है।”
🌿🌼 Between Us Moments☕
“अब भी डर लगता है?” “हाँ… लेकिन अब मैं डर के साथ भी ‘ना’ कह सकती हूँ।”
🌸”क्या लोग बदल जाएँगे?” “ज़रूरी नहीं…लेकिन तुम बदल जाओगी।”
🌸”Boundary बनाने के बाद सब चले जाएँ तो?”
“जो सिर्फ तुम्हारी उपलब्धता से जुड़े थे… वे चले जाएँगे। जो तुम्हारे सम्मान से जुड़े हैं… वे ठहर जाएँगे।”
🌿 Between Us Promise
हर रिश्ते में पहले सम्मान… फिर सहयोग… फिर अपनापन।
क्रम कभी नहीं बदलेंगे। क्योंकि… सीमाएँ रिश्ते तोड़ने के लिए नहीं, उन्हें स्वस्थ रखने के लिए होती हैं। ❤️
We Moment
प्रेम हमेशा बड़े शब्दों में नहीं आता। कभी वह मेहंदी का डिज़ाइन चुनता है, तो कभी बाज़ार में साथ चलता है और कभी किसी के मेहंदी लगे हाथों को देखकर आइसक्रीम अपने हाथ से खिला देता है।
Teej Bazaar 🌿: हरी-हरी सजावट, चूड़ियाँ, मेहंदी के स्टॉल, त्योहार की रौनक। रिमी मेहंदी लगवाने बैठी है और अर्जुन पास खड़ा है।

“यह वाला डिज़ाइन…” 🤭
अर्जुन मेहंदी वाले को इशारे से एक खास design बताता है—कुछ ऐसा जिसमें बहुत भारी bridal pattern नहीं, बल्कि elegant और delicate design हो।
रिमी उसे देखकर मुस्कुराती है…
रिमी: “इतना ध्यान से क्या समझा रहे हो?”
अर्जुन: “बस इतना कि मेहंदी हाथों पर लगे… और तुम्हारी मुस्कान उससे ज़्यादा खूबसूरत रहे।” 😌
मेहंदी लगी हथेलियाँ ❤️ रिमी अपने हाथ देख रही है, अर्जुन भी उन हाथों को देखकर खुश है।
वापसी में दोनों आइसक्रीम लेते हैं।
रिमी के दोनों हाथों में मेहंदी है, इसलिए वह ठीक से खा नहीं सकती।अर्जुन चम्मच उठाता है…
रिमी: “मैं खुद खा लूँगी।”
अर्जुन: “दो घंटे के लिए अपनी Boundary मुझे दे दो।” 😂
रिमी: “ओहो! Boundary पर lecture देने वाले जनाब…”
अर्जुन: “आज practical class है।” 😜
घर लौटते हुए 🌿
बाजारों में हरियाली तीज की रौनक, हाथों में मेहंदी, दोनों साथ चलते हुए…. कुछ रिश्तों में प्रेम बोलता कम है… ध्यान ज़्यादा रखता है। 💚
Between us के बाकी एपिसोड भी देखिए 👇🏻
Between Us – Episode 003 Attention नहीं… Invitation.