सीमाओं की तलाश: भाग 4 — जहाँ मैंने अपनी सीमाएँ खो दीं
भूमिका: इस संस्मरण के सभी पात्र और घटनाएँ वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरित हैं। आवश्यकता पड़ने पर नाम और कुछ परिस्थितियाँ बदली जा सकती हैं। इस भाग में कहानी का केंद्र किसी दूसरे के व्यवहार पर नहीं, बल्कि मेरे अपने आत्मविश्लेषण पर है—उन सीमाओं पर जिन्हें मैंने अनजाने...
सीमाओं की तलाश भाग– 3: सहयोग
भूमिका: इस संस्मरण के सभी पात्र और घटनाएँ वास्तविक जीवन के अनुभवों से प्रेरित हैं। आवश्यकता पड़ने पर नाम, स्थान और कुछ परिस्थितियाँ बदली जा सकती हैं, ताकि किसी व्यक्ति को केंद्र बनाने के बजाय कहानी का केंद्र सहयोग, संबंधों की जटिलता और उससे मिली जीवन-सीख बनी रहे। सीमाओं...
सीमाओं की तलाश – भाग–1: “एक छोटी-सी मुलाक़ात”
भूमिका: यह कहानी किसी व्यक्ति का मूल्यांकन करने के लिए नहीं, बल्कि मेरे अपने अनुभवों, निर्णयों और उनसे मिली सीख की यात्रा है। इसलिए सभी नाम और कुछ परिस्थितियाँ आवश्यकता पड़ने पर बदली जा सकती हैं। सीमाओं की तलाश भाग–1 : एक छोटी-सी मुलाक़ात जिसने पाँच वर्षों की यात्रा...
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MyPoems: Maa
मां रिश्तो के तो नाम कही है, पर मां होना आसान नहीं है अपना हर एक ख्वाब भुला कर, खुश रहना आसान नहीं है एक एक काम है मां के जिम्मे, समय सारणी सख्त बड़ी है हर पल काम में उलझे रहना, सज्जनों आसान नहीं है माना यह एहसान...